गणतंत्र दिवस पर जंगल के सिपाहियों ने ज़हरीले साँपों को दिया जीवनदान: देखें वीडियो
कालागढ़। तराई पष्चिमी वन प्रभाग, रामनगर के जंगलों में तैनात वन्यजीव रक्षक आज केवल जंगलों के ही नहीं, बल्कि उन बेज़ुबान जीवों के भी रक्षक बने हुए हैं।
जिनसे डरकर अक्सर इंसान खुद ही उनका जीवन छीन लेता है। हम बात कर रहे हैं सरीसृप प्रजाति के उन जीवों की—जिन्हें देखते ही ग्रामीण भयभीत हो जाते हैं।
और कई बार अज्ञानता में उनकी हत्या कर दी जाती है। लेकिन हकीकत यह है कि सरीसृप तभी हमला करते हैं, जब उन्हें अपने जीवन पर खतरा महसूस होता है।
ऐसे में इन जीवों को बचाना वन विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। इसी चुनौती को पूरी ईमानदारी, साहस और संवेदनशीलता के साथ निभा रहे हैं।
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के दो जांबाज़ कर्मचारी—तालिब हुसैन और वाहिद। तालिब बताते है कि 2005 से 2026 तक लगभग चालीस हजार साँपो का सुरक्षित रेस्क्यू कर चुके है।
