कोटद्वार। हरेला पर्व के शुभ अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूरी भूषण ने वन विभाग कोटद्वार एवं वीर चंद्र सिंह गढ़वाली भाबर मंडल भाजपा के संयुक्त तत्वावधान में मालन नदी तट स्थित मालन धाम में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ ऋतु खण्डूरी भूषण ने शीशम का पौधा रोपित कर किया। इस अवसर पर वन विभाग द्वारा कुल 250 पौधों के रोपण का लक्ष्य रखा गया, जिनमें नीम, पीपल, शीशम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे शामिल हैं।
अपने संबोधन में ऋतु खण्डूरी भूषण ने कहा कि हरेला उत्तराखंड की लोक संस्कृति, प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक पर्व है। हमारी परंपराओं में वृक्षों और प्रकृति को देवतुल्य माना गया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की धरती ने विश्व प्रसिद्ध चिपको आंदोलन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का ऐसा संदेश दिया, जिसने पूरी दुनिया को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा दी। आज आवश्यकता है कि हम उसी भावना को आगे बढ़ाते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें और लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित करें।
कार्यकर्म में मुख्य वन संरक्षक सुशांत कुमार पटनायक ने बताया कि वन विभाग मुख्यालय द्वारा प्रत्येक विभाग में पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जिसमें उन्हें पौड़ी जिले का नोडल अधिकारी बनाया है उन्होंने मालन नदी में हरेला पर्व कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें विधानसभा अध्यक्ष ऋतु भूषण खंडूरी ने शिरकत की साथ ही उन्होंने उनके साथ मिलकर विभिन्न प्रकार के पौधे रोपित किए उन्होंने आगे बताया कि हरेला का मुख्य उद्देश्य वृक्षारोपण ही नहीं बल्कि उनकी सुरक्षा करना भी है। हम लोकल समुदाय के लोगों को साथ मिलकर एक पेड़ एक मां वृक्षारोपण कर रहे है जिससे उसकी सुरक्षा भी पूरी हो सके।
डीएफओ जीवन मोहन दगाड़े ने बताया कि हमारे पौड़ी जिले में करीब 90 हजार पौधे लगाने का टारगेट है जिसमें हमने हर बीट पर हरेला पर्व में
वृक्षारोपण का कार्यक्रम लैंसडाउन, स्नेह, लालढांग, दुग्गडा में रखा जिसमें कई हजार पौधे का वृक्षारोपण किया है।













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