मोबाइल टावर लगाने के नाम पर 8 लाख रूपये की धोखाधड़ी वाले गैंग के 2 ईनामी सदस्यों को पुलिस ने हरियाणा से किया गिरफ्तार

कोटद्वार। पुलिस ने 8 लाख की धोखाधड़ी करने वाले 2 शातिर ठगों को हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली से प्राप्त जानकारी के अनुसार वादी मनबर सिंह नेगी निवासी- ग्राम मवाकोट कोटद्वार द्वारा कोतवाली में एक शिकायती प्रार्थना पत्र दिया जिसमें उनके द्वारा अंकित किया गया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा वादी से टावर लगाने के नाम पर 8,00,000 रू0/- की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गयी है। इस शिकायती प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली कोटद्वार में मु0अ0सं0-47/2025, धारा- 318(4) बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह द्वारा आमजनमानस के साथ हो रही धोखाधड़ी की घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुये इस सम्बन्ध में त्वरित कार्यवाही करने के साथ-साथ अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने हेतु निर्देशित किया गया।
जिसके क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल के निर्देशन व प्रभारी निरीक्षक रमेश तनवार के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित पुलिस टीम द्वारा कुशल सुरागसी-पतारसी, बैंक खातों की डिटेल व अन्य जांच करने पर यह तथ्य प्रकाश में आया कि एक गैंग जो मोबाइल टावर लगाने के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रही है तथा हिसार हरियाणा से संचालित हो रही है। इस गैंग के 02 सदस्यों भूपेन्द्र व छोटू के द्वारा वादी मनबर सिहं से ठगी किया जाना प्रकाश में आया। उक्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु उच्चाधिकारियों के निर्देशन में गठित पुलिस टीम को तत्काल हरियाणा भेजा गया। अभियुक्त उपरोक्त के ठिकानों पर पुलिस द्वारा दबिश दी गयी लेकिन दोनों अभियुक्त पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहे तथा गिरफ्तारी से बचने हेतु लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। जिस कारण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु 5,000-5,000/- रूपये का ईनाम घोषित किया गया तथा तत्काल अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु गठित पुलिस टीम को निर्देशित किया गया। पुलिस टीम द्वारा कुशल सुरागसी-पतारसी व सर्विलांस की मदद से अभियुक्तों का पता लगाया गया जिसके परिणामस्वरूप उपरोक्त दोनों अभियुक्तों को हिसार हरियाणा से गिरफ्तार किया गया। जांच करने पर पाया कि इन अभियुक्तों द्वारा फर्जी आईडी से अलग-अलग बैंको में करीब 20 से अधिक खाते खुलवाये गये हैं तथा फर्जी आई0डी0 पर सिम लेकर खातों से लिंक किया गया है। इन अभियुक्तों द्वारा लोगों को कॉल कर उन्हें लालच देकर अपने झांसे में लेकर मोबाइल टॉवर लगाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी की जाती हैं। उक्त दोनों अभियुक्तों को आज माननीय न्ययालय में पेश कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस टीम में।
1.उपनिरीक्षक दीपक सिहं पवारं
2.आरक्षी रविन्द्र भट्ट
3.आरक्षी अमरजीत सिहं- साईबर सेल
4.आरक्षी हरीश- सीआईयूशामिल थे।