कोटद्वार। रेलवे स्टेशन के बाहर वर्षों से संचालित 59 खोखानुमा दुकानों को हटाने के विरोध में चल रहे कारोबारियों के आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। पूर्व राज्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जसवीर राणा ने दुकानदारों को अपना समर्थन दिया और उनकी मांगों को जायज बताया।
जसवीर राणा ने कहा कि वर्षों से इन दुकानों के माध्यम से व्यापारी अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में अचानक दुकानों को हटाने का निर्णय लिया जाना उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा करने जैसा है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर किसी गरीब और छोटे व्यापारी को उजाड़ना उचित नहीं है।
उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की कि दुकानदारों की समस्या का मानवीय दृष्टिकोण से समाधान किया जाए। यदि दुकानों को हटाना आवश्यक है तो पहले प्रभावित कारोबारियों के लिए उचित वैकल्पिक व्यवस्था अथवा पुनर्वास की व्यवस्था की जाए, ताकि उनका रोजगार समाप्त न हो।
राणा ने कहा कि कांग्रेस व्यापारियों और आम जनता के हितों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने आंदोलनरत दुकानदारों को भरोसा दिलाया कि उनकी आवाज को शासन और प्रशासन तक पहुंचाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
गौरतलब है कि रेलवे स्टेशन के बाहर बनी दुकानों को हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से संबंधित कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए थे। इसके विरोध में कारोबारियों ने 19 अगस्त से दुकानें बंद कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है।
पूर्व राज्यमंत्री जसवीर राणा ने रेलवे स्टेशन के बाहर खोखानुमा दुकानों को हटाने के फैसले का किया विरोध












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