कोटद्वार। प्रशासन द्वारा एक प्रार्थनापत्र पर संज्ञान लेते हुए सुखरौ देवी मन्दिर समिति का बिना पक्ष सुने हुए आदेश पारित कर सुखरौ देवी मन्दिर समिति की सम्पत्ति सील करने का आदेश किया गया था। इस क्रम में तहसीलदार कोटद्वार व पटवारी सुखरौ(उपनिरीक्षक) द्वारा पुस्तकालय, समिति का कार्यालय और दान पात्र को सील कर दिया गया।
इस आदेश के खिलाफ पुर्ननिरीक्षण याचिका अपर जिला जज कोटद्वार में सुखरौ देवी मन्दिर समिति द्वारा प्रस्तुत की गयी और अपर जिला जज कोटद्वार के निगरानी आदेश के विचाराधीन रहते हुए सुखरौ देवी मन्दिर समिति के वर्तमान अध्यक्ष राजाराम अणध्वाल द्वारा धारा अन्तर्गत 528 BNSS के तहत एक प्रकीर्णन याचिका माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल में वाद संख्या 1735/2025 दाखिल की गयी।
माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल द्वारा रिट पर 5 मई को उपजिलाधिकारी/परगना मजिस्ट्रेट कोटद्वार के धारा 164 BNSS 2023 वाद संख्या 02/2025 के सील आदेश को रद्द करते हुए उपजिलाधिकारी को आदेशित करते हुए समस्त सील प्रश्नगत सम्पत्तियों की चाबियां मन्दिर समिति को सौंपने का निर्देश किया गया और सुखरौ देवी मन्दिर समिति को पूर्व की भांति समस्त प्रबन्धन करने को उपजिलाधिकारी के माध्यम से संचालन की अनुमति प्रदान की गयी है। जो कि आज उच्च न्यायालय नैनीताल के 5 मई के आदेश के अनुपालन में
उपजिलाधिकारी द्वारा सुखरौ देवी मन्दिर समिति को समस्त प्रबन्धक के हेतु चाबियां सौंप दी गयी है और सुखरौ देवी मन्दिर समिति द्वारा माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल का आभार प्रकट करते समिति द्वारा खुशियां मनाते हुए प्रसाद बाटा गया।













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