कोटद्वार। पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी प्रकरण में भाजपा नेताओं की ओर से नामजद किए गए व्यक्ति को जांच के बजाय उत्तराखंड से सुरक्षित रास्ता देकर राज्यपाल बना दिया गया।
नेगी ने इसे प्रदेश के जनमानस की भावनाओं और संवेदनाओं का अपमान बताया।
उन्होंने आगे कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता ने सरकार से सीबीआई जांच में कथित वीआईपी के पहलू की पड़ताल करने की अपेक्षा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच करने के बजाय दुष्यंत गौतम को राज्यपाल बना दिया गया। इससे भविष्य में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की संभावनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड के सम्मान को लेकर की गई बड़ी-बड़ी बातों के विपरीत यह नियुक्ति प्रदेश की भावनाओं के प्रति सरकार का रवैया दिखाती है। नेगी ने कहा कि इस मामले से जुड़ी संवेदनाओं को कुचला गया है और कांग्रेस समेत प्रदेश के लोग इससे आहत हैं।
नेगी ने प्रदेश के लोगों से अपील की कि वे उत्तराखंड में या प्रदेश से बाहर रहते हुए भी नियुक्ति का विरोध करें। उन्होंने कहा कि विरोध तब तक जारी रहना चाहिए, जब तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से हटाया नहीं जाता।
बाइट। पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी















Leave a Reply